ktg news : कसरेंगा की गौचर भूमि पर अवैध मुरुम उत्खनन का आतंक: 12 टन क्षमता वाली PMGSY सड़क पर 40 टन हाइवा की दौड़.. प्रशासन की खामोशी पर उठे सवाल.
कोरबा/कटघोरा, 6 दिसंबर 2025: कटघोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत कसरेंगा में इन दिनों अवैध मुरुम उत्खनन और उसका बेखौफ परिवहन चर्चा का विषय बना हुआ है। गौचर भूमि से मुरुम की खुली खुदाई और भारी वाहनों की आवाजाही ने न केवल ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कसरेंगा की गौचर भूमि से एक ठेकेदार द्वारा बिना किसी आधिकारिक अनुमति के बड़े पैमाने पर मुरुम की खुदाई की जा रही है। दिन-रात लगातार जेसीबी मशीनों की मदद से मुरुम निकाल कर हाइवा वाहनों में भरकर ले जाया जा रहा है। ये हाइवा वाहन धनरास स्थित NTPC के राखड़ डेम तक मुरुम परिवहन कर रहे हैं।

सड़क की क्षमता से तीन गुना अधिक भार
गांव से मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी सड़क का उपयोग किया जा रहा है। इस सड़क की वहन क्षमता महज 12 टन है, लेकिन वर्तमान में मुरुम लोडेड हाइवा का वजन 40 टन तक बताया जा रहा है। क्षमता से तीन से चार गुना ज्यादा भार के बावजूद इन वाहनों पर कोई रोक-टोक नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी भारी गाड़ियों की आवाजाही से सड़क कभी भी क्षतिग्रस्त होकर उपयोग लायक नहीं बचेगी।

प्रशासन मौन, विभागों पर उठ रहे सवाल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि स्थानीय प्रशासन, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग और खनिज विभाग सभी इस अवैध गतिविधि पर पूरी तरह मौन हैं। जबकि खनिज विभाग बार-बार यह दावा करता रहा है कि जिले में अवैध उत्खनन पर सख्त रोक है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की “कुम्भकर्णीय नींद” के कारण अवैध उत्खनन करने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम गौचर भूमि को खोखला कर रहे हैं। यदि जल्द ही रोक नहीं लगाई गई, तो न केवल गांव की सार्वजनिक भूमि प्रभावित होगी, बल्कि PMGSY सड़क भी भारी नुकसान झेल सकती है। कसरेंगा में चल रहा यह अवैध मुरुम उत्खनन प्रशासनिक लापरवाही की ओर सीधा संकेत है। अब देखना यह है कि विभाग कब जागता हैं और इस अवैध गतिविधि पर रोक लगाकर ग्रामीण हित और सरकारी संपत्ति की रक्षा करते हैं।

