Latest Newsकोरबा न्यूज़छत्तीसगढ़ न्यूज़छत्तीसगढ़ स्पेशलब्रेकिंग न्यूज़

ktg news : कटघोरा को जिला बनाने की मांग फिर तेज.. अधिवक्ता संघ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा.. सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी.

कटघोरा/कोरबा 30 जनवरी 2026 : कटघोरा को जिला बनाए जाने की वर्षों पुरानी मांग एक बार फिर जोर पकड़ती नजर आ रही है। कटघोरा अधिवक्ता संघ ने आज से कटघोरा को जिला का दर्जा देने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अधिवक्ताओं के इस आंदोलन को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है।

अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेश पाल ने धरना स्थल पर जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले वर्ष 2021 से 2023 तक कांग्रेस शासनकाल में भी कटघोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर करीब दो वर्षों तक आंदोलन किया गया था। उस दौरान सर्व समाज और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने आंदोलन को समर्थन दिया था। बावजूद इसके, वर्ष 2022 में राज्य सरकार ने चार नए जिले बनाए, लेकिन कटघोरा को जिला बनाए जाने से वंचित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कटघोरा दौरे के दौरान अधिवक्ता संघ ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर कटघोरा को जिला बनाने की मांग दोहराई थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे अधिवक्ताओं और आम जनता में गहरी नाराजगी है।

अधिवक्ता संघ के सचिव अमित सिन्हा ने कहा कि पूर्व आंदोलन के दौरान तत्कालीन कांग्रेस सरकार के विधायक और सांसदों ने भी कटघोरा को जिला बनाए जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन उस वादे को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनभावनाओं की उपेक्षा का ही नतीजा रहा कि जनता ने न केवल स्थानीय विधायक बल्कि कांग्रेस सरकार को भी सत्ता से बाहर कर दिया। अमित सिन्हा ने आगे कहा कि इस बार कटघोरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक चुने गए हैं और कोरबा से लखनलाल देवांगन राज्य सरकार में मंत्री हैं। ऐसे में कटघोरा की जनता को विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार से पूरी उम्मीद है कि छत्तीसगढ़ की सबसे पुरानी तहसीलों में शामिल कटघोरा को इस बार जिला का दर्जा जरूर मिलेगा।

अधिवक्ता संघ ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस बार भी कटघोरा की जनता के साथ छल किया गया तो अधिवक्ता संघ और कटघोरा विधानसभा क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। संघ ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कटघोरा को जिला घोषित नहीं किया जाता। धरना-प्रदर्शन के चलते कटघोरा में प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं और आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज होने के आसार जताए जा रहे हैं।