कोरबा : धान खरीदी में भ्रष्टाचार का आरोप: मूलनिवासी किसान संघ ने सरकार को घेरा, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग.
कोरबा/कटघोरा : 24 जनवरी 2026 : छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। मूलनिवासी किसान संघ छत्तीसगद के प्रदेश अध्यक्ष लाल बहादुर सिंह कोर्राम ने राज्य सरकार पर धान खरीदी में व्यापक भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और किसानों के शोषण का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी भी किसान के साथ हो रही अनियमितता को किसान संघ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। इस संबंध में कोर्राम ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए धान खरीदी सीजन के दौरान उत्पन्न हो रही समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। पत्र में उन्होंने अवैध धान की आवक, बिचौलियों की सक्रियता और समितियों में व्याप्त भ्रष्टाचार को गंभीर बताया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिचौलिए अन्य राज्यों से कम दामों में धान लाकर समितियों में खपा रहे हैं। इसके साथ ही तौल में गड़बड़ी, बारदाने की कमी और अवैध वसूली जैसी समस्याएं किसानों को लगातार परेशान कर रही हैं। भुगतान में हो रही देरी के कारण किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार अब तक करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य का धान भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। वहीं लिमिट और सही गिरदावली नहीं होने के चलते इस सीजन 25 से 30 लाख किसान धान बेचने से वंचित रह सकते हैं। उन्होंने सरकार से धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की है।

धान का समय पर उठाव नहीं होने से खुले में रखा धान खराब हो रहा है। कुप्रबंधन और मौसम की मार के कारण लगभग 500 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका भी जताई गई है। कोर्राम ने कहा कि यह स्थिति किसानों के भविष्य के लिए बेहद चिंताजनक है। हाल ही में कोरबा जिले के हरदी बाजार क्षेत्र में दो किसानों द्वारा जहर खाकर आत्महत्या के प्रयास की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकारी व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। वहीं कई जिलों में समितियों द्वारा यह कहना कि करोड़ों का धान चूहों ने खा लिया, पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है।
मूलनिवासी किसान संघ छत्तीसगढ़ ने मांग की है कि किसानों का धान समर्थन मूल्य पर पारदर्शी ढंग से खरीदा जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। कोर्राम ने कहा कि तभी प्रदेश के किसान सुशासन की सरकार का वास्तविक लाभ ले सकेंगे।

