Thursday, February 5, 2026
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ktg news : कटघोरा वन मण्डल की सराहनीय पहल, ग्रामीणों को वन्यजीव संरक्षण व वनाग्नि रोकथाम का मिला प्रशिक्षण.

कोरबा/कटघोरा, 5 फरवरी 2026 : वन मण्डल कटघोरा द्वारा वन्यजीव संरक्षण एवं वनाग्नि रोकथाम को लेकर ग्रामीणों को सशक्त एवं संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश “जीव जीवस्य जीवनम्” रहा, जिसके माध्यम से यह बताया गया कि प्रकृति में हर जीव एक-दूसरे पर निर्भर है और वनों की सुरक्षा ही सुरक्षित एवं संतुलित भविष्य की कुंजी है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कसईपाली, देवरी एवं ढूरेना ग्रामों के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम अत्यंत प्रभावी एवं सफल रहा। प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीणों को वन्यजीवों के संरक्षण, वन संसाधनों के सतत उपयोग तथा वनाग्नि से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक श्री प्रभात दुबे ने वन्यजीव संरक्षण से जुड़े तकनीकी एवं व्यवहारिक उपायों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उपाय, जंगल में आग लगने के कारण, उससे बचाव के तरीके तथा समय पर सूचना देने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहभागिता के बिना संरक्षण के प्रयास सफल नहीं हो सकते और ग्रामीण ही जंगल के सबसे मजबूत प्रहरी होते हैं।

इस अवसर पर श्री गोविंद सिंह कंवर, प्रतिनिधि अध्यक्ष जनपद पंचायत कटघोरा ने अपने उद्बोधन में कहा कि वन एवं वन्यजीवों की रक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि जनभागीदारी से ही यह अभियान सफल हो सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे जंगलों और वन्यजीवों को अपनी धरोहर समझकर उनकी रक्षा करें।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों में श्री भुवन जी सिंह (जनपद सदस्य), सरपंच शिवलाल कंवर, उप सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं विभागीय अधिकारियों में हितेश कुमार ठाकुर (एसडीओ, पाली), अशोक कुमार मन्नेवार (रेंज ऑफिसर), संतोष कुमार रात्रे (वनपाल), इन्द्र पाल सिंह कंवर, रज्जन सिंह सहित वन विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

डीएफओ कटघोरा निशांत कुमार ने बताया कि वन्यजीव जंगल, जलवायु एवं मानव जीवन के लिए अत्यंत संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण होते हैं। गर्मी के मौसम में भोजन और पानी की तलाश में वन्यजीव जंगल से बाहर आ सकते हैं। ऐसी परिस्थितियों में ग्रामीणों को धैर्य एवं संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करना चाहिए, किसी भी जीव को हानि नहीं पहुँचानी चाहिए तथा तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए।

वन मण्डल कटघोरा की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों में संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और सहभागिता की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया गया।