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कोरबा : अब सोलर नहीं, स्थायी बिजली से रोशन होंगे लेमरू के 5 आदिवासी गांव.. लेमरू में एमडी भीम सिंह कंवर ने किया भूमिपूजन.

कोरबा 10 मार्च 2026 :  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विद्युत विहीन गांवों तक बिजली पहुंचाने का अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) के संचालक एवं प्रबंध संचालक भीम सिंह कंवर कोरबा जिले के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने वनांचल क्षेत्र लेमरू में ट्रांसफॉर्मर स्थापना के लिए भूमिपूजन किया, जिससे वर्षों से बिजली से वंचित कई गांवों में अब स्थायी बिजली पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है।

लेमरू क्षेत्र के करीब पांच गांव—दूधीडांगर, गुडुमाटी, छाती बहार, सरई टिकरा और बंधनी डाँड़ अब तक केवल सोलर लाइट के भरोसे ही रोशन होते थे। इन गांवों में स्थायी बिजली लाइन नहीं होने से ग्रामीणों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब ट्रांसफॉर्मर स्थापना और बिजली लाइन पहुंचने से इन गांवों में स्थायी विद्युत आपूर्ति शुरू हो सकेगी, जिससे ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। इन गांवों में मुख्य रूप से आदिवासी समुदाय की विशेष जनजातियां पंडो, कोरवा, मांझी और धनवार निवास करती हैं। लंबे समय से बिजली की सुविधा से वंचित रहे इन ग्रामीणों के चेहरों पर अब बिजली पहुंचने की खबर से खुशी साफ दिखाई दे रही है।

इस दौरान सीएसपीडीसीएल कोरबा के कई उच्च अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे। प्रबंध संचालक भीम सिंह कंवर ने कहा कि कोरबा जिला “ऊर्जा नगरी” के नाम से जाना जाता है और विभाग का प्रयास है कि जिले के हर वनांचल गांव तक बिजली पहुंचाई जाए, ताकि वहां रहने वाले लोगों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

धवईबारी और देवपहरी गौमुखी आश्रम की समस्या भी सुलझाने के निर्देश

दौरे के दौरान ग्राम लेमरू के आश्रित गांव धवईबारी के ग्रामीणों ने भी अपनी समस्या प्रबंध संचालक के सामने रखी। ग्रामीणों ने बताया कि गांव तक बिजली लाइन तो पहुंच गई है, लेकिन नियमित विद्युत सप्लाई नहीं होने के कारण पानी की भारी समस्या बनी हुई है। गांव में पानी की टंकी और बोरवेल होने के बावजूद बिजली नहीं होने से पानी सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। इस पर प्रबंध संचालक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द यहां विद्युत सप्लाई को सुचारू रूप से शुरू करने के निर्देश दिए।

इसके बाद प्रबंध संचालक भीम सिंह कंवर देवपहरी स्थित गौमुखी सेवा आश्रम भी पहुंचे। यहां उन्होंने सिद्धिदात्री माता मंदिर में दर्शन-पूजन किया और हींगलाजगढ़ माता मंदिर में भी मत्था टेका। आश्रम के लोगों ने उन्हें बिजली आपूर्ति और पानी की समस्या से अवगत कराया। इस पर उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को गौमुखी सेवा आश्रम में 200 केवीए क्षमता का ट्रांसफॉर्मर लगाने के निर्देश दिए, ताकि बिजली और पानी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

प्रबंध संचालक के इस दौरे और निर्देशों से वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों और आश्रम के लोगों में राहत और खुशी का माहौल है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही उनके गांवों और आश्रम में बिजली की सुविधा सुचारू रूप से उपलब्ध होगी। इस मौके पर्व ईडी ( O&M ) जे.एस. नेताम, ईडी ( BR ) ए. के.अम्बस्त, एस.ई. ( प्रोजेक्ट बिलासपुर ) आर.के.तिवारी, ईई ( प्रोजेक्ट कोरबा ) एच. एस. राठौर, ईई ( O&M ) कटघोरा अंसु तार्सने, ए ई कटघोरा शेखर सोनी, ए ई कटघोटा रणजीत कुमार पैकरा, ए ई प्रोजेक्ट बी.के.धारीचा, जे ई प्रोजेक्ट बी के कोसले, जेई दर्री व्ही. पी.सिंह कंवर के विद्युत विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।